“छत्तीसगढ़ में सियासी भूकंप की आहट! साय कैबिनेट से 8 से 9 मंत्री बाहर? OP चौधरी संभालेंगे BJP की कमान, विजय शर्मा के कद पर भी कैंची!”
साय सरकार में बड़े उलटफेर की आहट!
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। साय मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल और भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं ने सत्ता के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि सरकार और संगठन को लेकर भाजपा नेतृत्व के स्तर पर गंभीर मंथन चल रहा है।
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा वित्त मंत्री ओपी चौधरी को लेकर सामने आ रहा है। चर्चा है कि सरकार के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल चौधरी को मंत्रिमंडल से संगठन की जिम्मेदारी देकर छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने पर विचार किया जा रहा है।बताया यह भी जा रहा है कि अमित शाह चौधरी को मंत्रिमंडल में बने रहन देना चाहते थे,परंतु उनकी संगठन में कम सहभागिता ने संगठन स्तर पर यह सहमति बना पाने सफल हो गई है, कि अब उनकी उपयोगिता संगठन में लिया जाय। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
8 से 9 मंत्रियों पर गिर सकती है गाज!
सूत्रों के मुताबिक संभावित बदलाव केवल विभागों के फेरबदल तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि मंत्रिमंडल के कई चेहरों को ही बदलने की तैयारी की चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में 8 से 9 मंत्रियों को हटाए जाने और उनकी जगह अनुभवी तथा पुराने चेहरों को मौका दिए जाने की अटकलें तेज हैं।
टंकराम वर्मा, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े और गजेंद्र यादव समेत कुछ मंत्रियों के नाम संभावित बदलाव की चर्चाओं में बताए जा रहे हैं। हालांकि इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
विजय शर्मा के पद को लेकर भी बड़ा सवाल
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। दावा यह है कि शर्मा मंत्रिमंडल में बने रह सकते हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी में बदलाव किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह साय सरकार के गठन के बाद सबसे बड़े राजनीतिक पुनर्संतुलनों में से एक होगा।
अजय चंद्राकर और अमर अग्रवाल की वापसी?
संभावित नए समीकरणों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अजय चंद्राकर और अमर अग्रवाल के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। वहीं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर,रायपुर से राजेश मूणत या पुरंदर मिश्रा में से किसी एक को,तो अन्य नए चेहरों को सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की अटकलें हैं।जिन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
इस संभावित बदलाव का संदेश साफ माना जा रहा है—अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और राजनीतिक संतुलन को फिर से साधने की कोशिश।
11 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर टिकी नजरें
इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास में कैबिनेट बैठक होने जा रही है। बैठक की आधिकारिक जानकारी में मंत्रिमंडल फेरबदल का एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन इतनी कम अवधि में दो कैबिनेट बैठकों के कारण राजनीतिक हलकों में अटकलें जरूर तेज हैं।
2028 से पहले संगठन और सरकार की नई जमावट?
साय सरकार का कार्यकाल आगे बढ़ने के साथ भाजपा के भीतर सरकार के कामकाज, संगठन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर मंथन स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। जून में भी मंत्रियों के साथ हुई एक गोपनीय बैठक के बाद सरकार-संगठन समन्वय और मंत्रियों के कामकाज को लेकर चर्चाएं सामने आई थीं।
ऐसे में यदि मौजूदा चर्चाएं वास्तविक निर्णय में बदलती हैं तो आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल से लेकर भाजपा संगठन तक बड़े स्तर पर चेहरे बदल सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बदलाव की कोई पुष्टि नहीं है। यानी संभावित पूरी कवायद का केंद्र फिलहाल सरकार के चेहरे और संगठन की नई जमावट को बताया जा रहा है।
अब निगाहें 11 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक और उसके बाद दिल्ली से आने वाले राजनीतिक संकेतों पर टिक गई हैं।
अगर 8–9 मंत्रियों के बदलाव और OP चौधरी को संगठन की कमान वाली चर्चा सच साबित होती है, तो यह छत्तीसगढ़ भाजपा की राजनीति में एक बड़े पुनर्गठन की शुरुआत होगी।



Beauro Cheif



