इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे डॉ. सच्चिदानंद जोशी

समाजवादी पार्टी के विधायक ओम प्रकाश सिंह ने प्रधानमंत्री से की उच्चस्तरीय जांच की मांग, नियुक्तियों से लेकर वित्तीय फैसलों तक उठाए गंभीर सवाल..

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे डॉ. सच्चिदानंद जोशी

नई दिल्ली/लखनऊ। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी के कार्यकाल में लिए गए विभिन्न निर्णयों, नियुक्तियों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विधायक ने पत्र में आरोप लगाया है कि वाराणसी स्थित गांधी विद्या संस्थान को आईजीएनसीए द्वारा कब्जे में लेने की कोशिश की गई तथा इस पूरे मामले में लाखों रुपये के कथित लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पत्र के अनुसार, संस्थान के पुनर्निर्माण के नाम पर बड़ी राशि खर्च किए जाने तथा संबंधित संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

वाराणसी केंद्र की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल

ओम प्रकाश सिंह ने वाराणसी केंद्र में वर्ष 2024-25 के दौरान हुई भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि निर्धारित पांच पदों के लिए प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने कोऑर्डिनेटर पद पर दो लोगों की नियुक्ति तथा आरक्षण संबंधी नियमों के कथित उल्लंघन की जांच की मांग की है।

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता एवं पात्रता के विपरीत उम्मीदवारों को शामिल किया गया। विधायक ने पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

देश के अन्य क्षेत्रीय केंद्रों की नियुक्तियों की भी जांच की मांग

विधायक ने केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि जम्मू, रांची और तिरुपति सहित आईजीएनसीए के अन्य क्षेत्रीय केंद्रों में पिछले वर्षों में हुई नियुक्तियों की भी जांच की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ नियुक्तियों में निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी तथा आर्थिक लेन-देन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

लोक सेवा आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला

ओम प्रकाश सिंह ने छत्तीसगढ़ लोक आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि डॉ. सच्चिदानंद जोशी के पूर्व कार्यकाल से जुड़े कुछ मामलों में आयोग ने भी गंभीर टिप्पणियां की थीं। पत्र में इन मामलों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रायपुर में कुलपति पद पर रहते हुए नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं और विश्वविद्यालय के अन्य वित्तीय मामलों की भी जांच की मांग की है।

दिल्ली स्थित आईजीएनसीए में वित्तीय फैसलों की जांच की मांग

विधायक ने डॉ. जोशी के सदस्य सचिव के रूप में पिछले दस वर्षों के कार्यकाल में लिए गए वित्तीय निर्णयों की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि संबंधित वित्तीय मामलों की जांच कर ऑडिट रिपोर्ट और टिप्पणियों के अनुपालन की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री से विशेष जांच संस्था गठित करने का आग्रह

पत्र के अंत में विधायक ने प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच संस्था निर्धारित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं उनके सहयोगी पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

विधायक ने यह भी मांग की है कि आईजीएनसीए में आवंटित बजट, विभिन्न केंद्रों पर हुई नियुक्तियों, उम्मीदवारों की पात्रता तथा संबंधित वित्तीय निर्णयों की विस्तृत जांच कराई जाए।