लोकायुक्त की अनुशंसा के बावजूद डॉ. जोशी को उच्च पद देने पर सांसद ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर नियुक्तियों की समीक्षा और पूरे प्रकरण की जांच की मांग
नई दिल्ली। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सदस्य-सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि डॉ. जोशी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ लोक आयोग (लोकायुक्त) की जांच में तत्कालीन कुलपति के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के तथ्य प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए थे तथा उनके विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण केंद्रीय संस्थानों में उच्च दायित्व दिए जाने की जांच की जानी चाहिए।
सांसद सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में डॉ. जोशी के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति कार्यकाल से संबंधित नियुक्तियों का उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार, विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता, अकादमिक एवं अनुभव के अंकों तथा साक्षात्कार के मापदंडों के पालन को लेकर शिकायतें सामने आई थीं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिन्हें विश्वविद्यालय की स्क्रूटनी कमेटी ने निर्धारित योग्यता के आधार पर अयोग्य माना था। इसी तरह कुछ अभ्यर्थियों को निर्धारित मापदंड से अधिक अंक दिए जाने तथा कुछ पात्र अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत कम अंक दिए जाने की शिकायत भी की गई थी।
जांच में अंक निर्धारण पर भी उठे सवाल
सांसद के पत्र में उच्च शिक्षा विभाग की तथ्यात्मक टिप्पणी तथा तत्कालीन सामान्य प्रशासन विभाग की जांच का हवाला देते हुए कहा गया है कि कुछ नियुक्तियों में अंक निर्धारण को लेकर विसंगतियां सामने आई थीं। उदाहरण के तौर पर आशुतोष मंडावी को हायर सेकेंडरी की तृतीय श्रेणी के बावजूद निर्धारित 5 अंकों के स्थान पर 8 अंक दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इसी प्रकार शिकायतकर्ता शैलेन्द्र खंडेलवाल के अनुभव, सेमिनार-कॉन्फ्रेंस, शोधपत्र, प्रकाशन तथा अन्य योग्यताओं के आधार पर मिलने वाले अंकों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि रीडर पत्रकारिता के पद पर पंकज नयन पाण्डेय को स्क्रूटनी समिति द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद साक्षात्कार में बुलाए जाने और चयन किए जाने की बात विश्वविद्यालय ने स्वीकार की थी।
लोकायुक्त ने कार्रवाई की अनुशंसा की थी
सांसद ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ लोक आयोग (लोकायुक्त) की जांच और अनुशंसा का हवाला देते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित चयन मापदंडों की अनदेखी तथा अंकों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता बताई गई थी। साथ ही तत्कालीन कुलपति एवं चयन समिति के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद जोशी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अवचार के तथ्य प्रमाणित पाए जाने पर छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम के तहत विधि अनुसार कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने का उल्लेख पत्र में है।
उच्च पदों पर नियुक्ति को लेकर जवाबदेही की मांग
सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया है कि यदि डॉ. जोशी के विरुद्ध लोकायुक्त से संबंधित प्रतिकूल अभिलेख उपलब्ध थे, तो उन्हें IGNCA के सदस्य-सचिव तथा भारतीय विरासत संस्थान, नोएडा के कुलपति जैसे महत्वपूर्ण दायित्व देने से पहले संबंधित अभिलेखों और उनकी सतर्कता संबंधी स्थिति की जांच किस स्तर पर की गई।
सांसद ने प्रधानमंत्री कार्यालय से यह भी मांग की है कि डॉ. जोशी के कार्यकाल से संबंधित नियुक्तियों, संविदा नियुक्तियों, पद-सृजन, खरीद, निविदाओं, निर्माण, किराये, परामर्श सेवाओं तथा अन्य वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की आवश्यकतानुसार जांच कराई जाए।
उन्होंने वाराणसी में संविदा नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर की कथित अनदेखी तथा विभिन्न कार्यकालों में हुई आर्थिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की भी जांच की मांग की है।
वर्तमान दायित्वों से मुक्त करने की मांग
पत्र में सांसद ने डॉ. जोशी को भारतीय विरासत संस्थान, नोएडा के कुलपति पद तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य-सचिव पद से तत्काल मुक्त करने की मांग की है। साथ ही उनके कार्यकाल से जुड़े मूल एवं इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख सुरक्षित कराने, उनके द्वारा लिए जा रहे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की समीक्षा करने तथा नियुक्तियों में यदि कोई अनियमितता जांच में प्रमाणित हो तो संबंधित नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की गई है।
सांसद ने प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरे प्रकरण में की गई कार्रवाई की समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करने की भी मांग की है। पत्र के साथ छत्तीसगढ़ लोक आयोग से संबंधित अभिलेखों की प्रति संलग्न किए जाने का उल्लेख है।



Beauro Cheif



