कांग्रेस का कमान अब युवाओं के हाथों में,संकल्प शिविर संगठन की मजबूती और युवाओं पर रहा फोकस...

नई दिल्ली।उदयपुर राजस्थान में हुए कांग्रेस के तीन दिवसीय नव संकल्प शिविर (चिंतन शिविर) में संगठन को मजबूत करने के लिए जहाँ 430 नेताओं ने गहन मंथन किया। वहीं कांग्रेस ने साल 2022 के लिए नया नारा भी दिया 'भारत जोड़ो' का।कांग्रेस का यह शिविर पूरी तरह से संगठन की मज़बूती और युवाओं पर फोकस रहा। कांग्रेस में अब युवाओं का राज चलेगा और 50 फीसदी कांग्रेस की आबादी में युवाओं की हिस्सेदारी होगी।इसके बाद अब देश भर में संगठन में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी सूत्रों से पता चला है कि पार्टी हाईकमान सक्रिय युवाओं की कार्यप्रणाली का फीडबैक ले रही है। पार्टी में लिए गए इस निर्णय से युवा वर्ग में काफी उत्साह देखी जा रही है।
साल 2013 के बाद यानी 9 साल बाद कांग्रेस ने चिंतन शिविर में मंथन किया है। कांग्रेस के नेता बड़े उत्साह के साथ दावा कर रहे हैं कि इस शिविर के बाद कांग्रेस बदले हुए रूप में नज़र आएगी। यह समय के साथ देखना होगा कि चिंतन शिविर से कांग्रेस ने ख़ुद में कितना बदलाव किया है और अब यदि बदलाव नहीं हुए तो बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत के नारे को रोक पाना मुश्किल होगा। हालांकि तीन दिन तक चले इस शिविर में कांग्रेस ने वह सब कुछ संकल्प लेते नजर आई,जिसकी पार्टी को आज जरूरत है।संगठन में रिक्त पदों पर तय समय में नियुक्ति, पदयात्रा निकालने, मंडल कांग्रेस कमेटी का गठन करने, एक व्यक्ति एक पद नियम लागू करने, युवाओं की पचास फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने समेत कई निर्णय लिए गए जो बहुत पहले ले लिए जानी थी।
शिविर में और एक बात जो देखी गई वह यह कि यह शिविर राहुल गांधी के इर्दगिर्द केंद्रित रही।इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि अगस्त में होने वाले संगठन चुनाव के साथ ही पार्टी अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी की ताजपोशी एक बार फिर से होना तय है। शिविर के अंतिम दिन रविवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, "शॉर्टकट से ये नहीं होने वाला है। मैं बता रहा हूं जो सोचता है कि शॉर्ट कट करके ये काम किया जा सकता है, ये काम ऐसे नहीं हो सकता है। ये काम पसीने से ही किया जा सकता है।
उन्होंने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा,हम सब में ये करने की क्षमता है, ये हमारे डीएनए में है। हमें एक बार फिर जनता के बीच में जाना है।" नेताओं का हौसला बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा, "डिप्रेशन में न जाएं क्योंकि लड़ाई लंबी है। यह लड़ाई रीजनल पार्टियां नहीं लड़ सकतीं, रीजनल पार्टियां बीजेपी को नहीं हरा सकतीं क्योंकि उनके पास विचारधारा नहीं है। यह लड़ाई केवल कांग्रेस ही लड़ सकती है।"पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, "हम ज़रूर लौटेंगे। सभी साथ मिलकर काम करें। आगामी गांधी जयंती पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू की जाएगी।"
कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि संगठन में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू होगा और इसी तरह एक परिवार, एक टिकट का नियम भी लागू होगा. किसी परिवार में दूसरा सदस्य राजनीतिक तौर से सक्रिय है, तो पाँच साल के संगठनात्मक अनुभव के बाद ही वह व्यक्ति कांग्रेस टिकट के लिए पात्र माना जाएगा।पाँच साल से ज़्यादा कोई भी व्यक्ति एक पद पर नहीं रहेगा, पार्टी के इस फैसले से नए लोगों को मौक़ा मिलेगा। युवाओं को लेकर जो महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि कांग्रेस कार्यसमिति, राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश, जिला, ब्लॉक व मंडल पदाधिकारियों में 50 फीसदी पदाधिकारियों की आयु 50 वर्ष से कम की होगी।इससे स्पष्ट है कि अब नई सोच के साथ युवाओं का राज चलेगा।