₹5,000 करोड़ के बकाये पर कल रायपुर में ठेकेदारों का प्रदर्शन, राजीव गांधी चौक से मोतीबाग चौक तक तय हुआ स्थल
तीन साल से भुगतान लंबित होने का आरोप, कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ जताएंगे विरोध; अब समाधान की उम्मीद!
रायपुर। जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के ठेकेदार मंगलवार, 27 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। ठेकेदारों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शन के लिए राजीव चौक से मोतीबाग चौक तक का स्थान निर्धारित किया है। करीब 5,000 करोड़ रुपये के कथित बकाया भुगतान को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे ठेकेदार इस प्रदर्शन के जरिए राज्य सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
कटोरा लेकर प्रदर्शन, आर्थिक संकट को बनाएंगे मुद्दा
ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के ठेकेदारों के शामिल होने की संभावना है। ठेकेदारों ने पहले ही ऐलान किया है कि वे चड्डी-बनियान पहनकर हाथों में कटोरा लेकर सांकेतिक विरोध करेंगे। उनका कहना है कि तीन वर्षों से भुगतान लंबित रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
ठेकेदारों के मुताबिक, निर्माण कार्यों में अपनी पूंजी लगाने के साथ उन्होंने बैंकों से ऋण भी लिया था। भुगतान नहीं होने से बैंक की किस्तें चुकाने, मजदूरों का मेहनताना देने और बाजार की उधारी निपटाने में परेशानी हो रही है। उनका आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने, मंत्रियों से मुलाकात करने और अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
प्रशासन ने तय किया प्रदर्शन स्थल
प्रदर्शन के लिए राजीव गांधी चौक से मोतीबाग चौक तक का स्थान निर्धारित किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें मंगलवार के आंदोलन पर टिकी हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से ठेकेदारों के जुटने की तैयारी है। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदार अपने बकाया भुगतान की मांग उठाने के साथ शासन और संबंधित विभाग से स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग कर सकते हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल आर्थिक भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी है। उनका तर्क है कि निर्माण कार्य कराने के बाद भुगतान में लगातार देरी होने से सरकारी योजनाओं में काम करने वाले ठेकेदारों का भरोसा प्रभावित होता है।
सरकार के लिए बढ़ती चुनौती, आंदोलन के बाद क्या होगा?
प्रदेश में जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाना है। ऐसे में योजना से जुड़े भुगतान विवाद का समाधान ठेकेदारों के साथ-साथ परियोजनाओं की प्रगति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
ठेकेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। ठेकेदारों की मांग है कि बकाया राशि के भुगतान की स्थिति स्पष्ट की जाए और लंबित भुगतान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना घोषित हो।
अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस प्रदर्शन के बाद ठेकेदारों से संवाद कर भुगतान संकट का रास्ता निकालेगी, या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेगा? मंगलवार का प्रदर्शन इसी दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है।



Beauro Cheif



