मजदूरी से मंडी तक: मेहनत के दम पर बने लखपति सब्जी व्यवसायी

कुलेश्वर वर्मा की संघर्षगाथा, तपस्या सामाजिक सेवा संस्थान ने ‘आदिशक्ति वंदन सम्मान’ से किया सम्मानित

मजदूरी से मंडी तक: मेहनत के दम पर बने लखपति सब्जी व्यवसायी

रायपुर (छत्तीसगढ़)। जब इरादे मजबूत हों तो हालात भी रास्ता देने लगते हैं। कभी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाले कुलेश्वर वर्मा आज रायपुर में एक सफल और प्रतिष्ठित सब्जी व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी इसी प्रेरणादायक यात्रा को सम्मान देते हुए तपस्या सामाजिक सेवा संस्थान ने एक भव्य समारोह में उन्हें “आदिशक्ति वंदन सम्मान” से सम्मानित किया।

2005-06: एक सपने की शुरुआत

करीब वर्ष 2005-06 में लवन क्षेत्र के पास एक गांव से रोजगार की तलाश में कुलेश्वर वर्मा रायपुर पहुंचे। शहर में न ठिकाना, न संसाधन। शुरुआती दिनों में उन्होंने डीडी नगर से लगे बंजारी नगर में एक झोपड़ी में रहकर मजदूरी की।

आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कभी-कभी दो समय का भोजन जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। लेकिन हौसला कभी नहीं टूटा।

जंग लगे तराजू से शुरू हुआ सफर

एक रिश्तेदार के यहां पड़े पुराने, जंग खाए तराजू ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने उसी से आलू-प्याज बेचने की छोटी सी शुरुआत की।

सुबह मजदूरी और शाम को सब्जी बेचने का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने हरी सब्जियों का कारोबार बढ़ाया। मेहनत, ईमानदारी और ग्राहकों के भरोसे ने उनके व्यवसाय को गति दी।

आज 12 से 15 लाख मासिक कारोबार

लगातार 18-19 वर्षों की मेहनत के बाद आज कुलेश्वर वर्मा का सब्जी व्यवसाय प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपये का है।
मासिक कारोबार 12 से 15 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

दो किराए की दुकानें (मासिक किराया लगभग 55 हजार रुपये)

स्वयं का लगभग 50 लाख रुपये का मकान

परिवार के 20 से 25 सदस्यों को रोजगार

एक समय जो युवक रोजगार की तलाश में गांव से निकला था, आज वह कई लोगों के लिए रोजगार का स्रोत बन चुका है।

सम्मान और प्रेरणा

तपस्या सामाजिक सेवा संस्थान ने उनकी इस संघर्षगाथा को मंच से सम्मानित करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।

संस्थान का मानना है कि कुलेश्वर वर्मा जैसे लोग साबित करते हैं कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष की ताकत बन सकती है।

संदेश-

कुलेश्वर वर्मा की कहानी बताती है—

मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी एक दिन बड़ी उपलब्धि में बदल सकता है।