बिलासपुर में इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों से किया सीधा संवाद, बोले— युवाओं की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत

'छात्रों की गूंज' में शिक्षा व्यवस्था पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

बिलासपुर में इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों से किया सीधा संवाद, बोले— युवाओं की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत

बिलासपुर। देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर बिलासपुर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद Imran Pratapgarhi ने छात्रों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं को समान अवसर और रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता।

इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश का छात्र शिक्षा व्यवस्था की अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवाल, शिक्षा का बढ़ता खर्च, रोजगार के सीमित अवसर और भविष्य को लेकर व्याप्त अनिश्चितता ने युवाओं को चिंता में डाल दिया है। मेहनत करने वाले लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की भावनाओं का मंच है जो पारदर्शी, निष्पक्ष, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं। शिक्षा और रोजगार प्रत्येक युवा का अधिकार है तथा सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छात्र और युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा तो कांग्रेस हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है। यदि शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी तो देश का भविष्य भी प्रभावित होगा। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाना आवश्यक है।

विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव ने कहा कि देश का युवा केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहता है। मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले छात्रों को अवसर मिलना चाहिए तथा ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिसमें किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।

कार्यक्रम में छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्रवृत्ति, रोजगार, तकनीकी शिक्षा, शैक्षणिक संसाधनों की कमी तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े अनेक विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने छात्रों की मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की लड़ाई को निरंतर आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया, प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल, अल्पसंख्यक विभाग छत्तीसगढ़ के प्रभारी रंजीत सिंह बेदी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, विजय केसरवानी, विजय पांडे सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, छात्र संगठन के प्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता एवं जिले भर से पहुंचे सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' एक अभियान के रूप में आगे भी जारी रहेगा। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा और शिक्षा, रोजगार तथा युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखी जाएगी। सभी अतिथियों, छात्र-छात्राओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय युवाओं की सक्रिय भागीदारी को दिया।