बिलासपुर के विधायक शैलेष पाण्डेय की सक्रियता आजकल सिर चढ़कर बोल रही है, लगातार दे रहे हैं जनता को विकास की सौगातें
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। शिक्षा जगत से कई दशकों तक जुड़े शैलेष पाण्डेय का पदार्पण पिछले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राजनीति में हुआ। तब लोगों को इस बात का थोड़ा भी एहसास नहीं था कि यह युवा व्यक्ति आज के परिवेष में राजनीति के मैदान पर सफल हो सकेगा। परन्तु पिछले कुछ दिनों से उनकी सक्रियता ने सारे कयासों को ध्वस्त कर दिया है। जिस तरह से कोविड संक्रमण को लेकर आक्रामक रूख पिछले दिनों प्रदेश की जनता ने वीडियो के माध्यम से देखा और आये दिन किसी न किसी जनहित को लेकर उनकी पहल ने नाकारात्मक राजनीति करने वालों को बता दिया है कि जनता की पसंद अब शैलेष पाण्डेय जैसे नेता ही होंगे और जीत भी उन्हें मिलेगी जो जनता के सतत् संपर्क में रहेंगे।
विधायक शैलेष पाण्डेय बिलासपुर में राजधानी रायपुर की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली को लेकर बिलासपुर से लेकर विधानसभा तक अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं। जिसके चलते बिलासपुर में सर्वसुविधा युक्त भव्य अस्पताल का निर्माण कराने 300 बिस्तरों का सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए शासन से स्वीकृति ले ली। वहीं पिछले दिनों हुक्का बार को लेकर जिस तरह से सरकार ने कड़े कानून बनाकर इस पर प्रतिबंध लगाया उसके पीछे भी वजह यह रही है कि विधायक शैलेष पाण्डेय ने सबसे पहले बिलासपुर में इसकी मुहिम छेड़ी थी, इतना ही नहीं उन्होंने विधानसभा में हुक्का बार बंद कराने को लेकर अपनी आवाज बुलन्द करी। जिसे लेकर बिलासपुर की जनता के बीच उनकी प्रशंसा जगजाहिर है।
शैलेष पाण्डेय ने इन मुद्दों के अलावा प्रदेश में न्यायधानी कहे जानी वाली बिलासपुर को बी-ग्रेड सिटी का दर्जा दिलाने भी मुहिम तेज की और केन्द्र सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाई। इसे लेकर राज्य सरकार ने नगर निगम सीमा विस्तारीकरण परीसिमन रिपोर्ट और बी-ग्रेड सिटी बनाने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि बिलासपुर उन महत्वपूर्ण शहरों में से है जहाँ केन्द्र और राज्य शासन के कई उपक्रमों की गिनती लाभ देने के लिए देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने इसके पीछे केन्द्रीय विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थान के साथ ही एसईसीएल मुख्यालय और एनटीपीसी का उदाहरण दिया। निश्चित तौर पर इस तरह की सोच कोई पढ़ा-लिखा जनप्रतिनिधि ही कर सकता है, साबित हो गया।
विधायक शैलेष पाण्डेय ने पिछले दिनों मोदी शासनकाल में जूते-चप्पल पर जीएसटी दर में वृद्धि को लेकर भी विरोध कर व्यापारी वर्ग को साधने का प्रयास किया और उन्होंने कहा, मोदी टैक्स प्रेमी हैं, देश की जनता पहले ही तेल की कीमतों और रसोई गैस की महंगाई से परेशान हैं। ऐसे में जूता-चप्पल का जीएसटी दर में वृद्धि से समस्त फूटवियर व्यापारी मोदी सरकार से नाराज हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर बिलासपुर होलसेल शू चेम्बर, फूटवियर निर्माता संघ और चिल्हर फूटवियर विक्रेता संघ ने विधायक शैलेष पाण्डेय से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा था।
विधायक शैलेष पाण्डेय अब बिलासपुर में भव्य और सर्वसुविधा युक्त सर्वसमाज मांगलिक भवन की आवश्यकताओं को देखते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया से 3.00 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत कर सर्वसमाज मांगलिक भवन बनाने सफलता हासिल कर ली है। इससे गरीब तक्के के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इस वर्ग के लोगों को शादी ब्याह में भवन को लेकर आर्थिक बोझ आता था। ज्ञातव्य हो कि शासन द्वारा बिलासपुर के लिए ऐसा पहली बार हो रहा है जब शासन बड़े स्तर पर राशि स्वीकृत की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया को धन्यवाद ज्ञापित किया है।



Beauro Cheif



