71 की उम्र में भी युवाओं से आगे: महेन्द्र कुमार बागडोदिया की समाजसेवा को ‘आदिशक्ति वंदन सम्मान’
तपस्या सामाजिक सेवा संस्थान ने सामाजिक योगदान के लिए किया सम्मानित
रायपुर (छत्तीसगढ़)। जब संकल्प दृढ़ हो और सेवा ही जीवन का उद्देश्य बन जाए, तब उम्र केवल एक संख्या रह जाती है। महेन्द्र कुमार बागडोदिया इसका जीवंत उदाहरण हैं। 71 वर्ष की आयु में भी उनकी सक्रियता, ऊर्जा और समाज के प्रति समर्पण युवाओं को प्रेरित करता है।
स्वभाव से अत्यंत विनम्र और व्यवहार से सरल महेन्द्र बागडोदिया निरंतर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। चाहे किसी जरूरतमंद की सहायता हो, सामाजिक आयोजन में सहभागिता या किसी सामुदायिक पहल में नेतृत्व—वे हर स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। दोपहिया वाहन स्वयं चलाकर समय पर कार्यक्रमों में पहुँचना उनकी अनुशासनप्रियता और कर्मठता को दर्शाता है।
जीवन में न लोभ, न लालच और न ही किसी प्रकार की मोह-माया—उनकी इच्छा केवल समाज में सम्मानजनक योगदान देने की रही है। उनके इसी आचरण और निरंतर सेवा भाव ने उन्हें प्रदेश के उच्च पदस्थ जनप्रतिनिधियों के बीच भी विशिष्ट पहचान दिलाई है।

उनकी उल्लेखनीय सामाजिक सेवाओं के सम्मान स्वरूप तपस्या सामाजिक सेवा संस्थान ने एक भव्य समारोह में उन्हें ‘आदिशक्ति वंदन सम्मान’ से अलंकृत किया। संस्थान ने इसे अपने लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।
71 वर्ष की आयु में भी जिस प्रकार महेन्द्र कुमार बागडोदिया समाज सेवा के पथ पर सक्रिय हैं, वह यह सिद्ध करता है कि सेवा और समर्पण के लिए न कोई आयु सीमा होती है और न ही थकान।



Beauro Cheif



