कोको पाढ़ी के स्वागत में युकां का उमड़ा जनसैलाब कहा, सत्ता में रहने के लिए संगठन का मजबूत रहना जरूरी है...सत्ता की जननी संगठन है।

रायपुर(छत्तीसगढ़)।कोको पाढ़ी का नाम छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब उन गिने चुने कांग्रेस नेताओं में गिने जाने लगी है जो दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष पार्टी के पक्ष व विपक्ष की बात को रखने की हैसियत रखता है।इसके पीछे सबसे बड़ा कारण युकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास के करीबी और अत्यंत ही विश्वासपात्र में उनका नाम का शामिल होना है और श्रीनिवास देश में कांग्रेस के उन युवा नेताओं में से एक हैं जो राहुल गांधी की टीम में सबसे सक्रिय नेता के तौर जाने जाते हैं, चाहे सोशल मीडिया हो या फिर जमीनी रूप से कार्य कर पूरे देश में युवाओं को कांग्रेस की मुख्यधारा के साथ जोड़ने की बात हो।खास कर राहुल गांधी के देश हित की सोच व विचारों को सही मायने में प्रोमोट यदि कोई कर रहा है तो वह व्यक्ति श्रीनिवास ही हैं जो हर पल, हर सेकंड उनकी सक्रियता साफ झलकती है। ऐसे में कोको पाढ़ी को उनके द्वारा प्रदेश युवक कांग्रेस का अध्यक्ष और अब राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के उन लाखों युवाओं के लिए एक संदेश है कि कांग्रेस में ईमानदारी से यदि कोई काम करेगा तो उसको आगे बढ़ने का मौका जरूर मिलेगा।
कोको पाढ़ी युवक कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद करीबन एक माह बाद आज रायपुर लौटे तो प्रदेश के युवा साथी इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कब उनसे मुलाकात हो और जैसे ही एयरपोर्ट से वे बाहर निकले तो उन्हें फूलों से लाद दिया गया। प्रदेश भर से आये सैकड़ों की तादाद में युकां साथियों का समुह कब जनसैलाब में तब्दील होते चला गया पता ही नहीं चला। एयरपोर्ट से लेकर शहर तक गाड़ियों का काफिला ऐसा की बीच से कोई निकल जाए सम्भव ही नहीं। कोको के चाहने वाले जगह-जगह उनका स्वागत कर मानों इस बात का एहसास दिला रहे हों कि युवा कांग्रेस से मजबूत संगठन और कोई भी नहीं।स्वभाव से शांत व मिलनसार कोको पाढ़ी का बॉडी लैंग्वेज साफ बयां कर रहा था,संगठन के लिए अभी और बहुत कुछ करना है।
कोको को दिल्ली में हुए कांग्रेस के धरना, प्रदर्शन और रेल रोको कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।इस दौरान और बाद में हुए कई कार्यक्रम में वे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास के साथ व उनके पोस्ट पर अपलोड हुए तस्वीरों में नजर आए थे।आज रायपुर पहुंचने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा,राजनीति में निस्वार्थ मित्र जोड़ लिया तो समझो सफल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कार्यकर्ता जो अपेक्षा रहित है, वही आगे बढ़ सकता है।सत्ता की जननी संगठन है। इसलिए सत्ता कभी भी संगठन पर हावी नहीं हो सकती और लंबे समय तक सत्ता में रहना है तो संगठन का मजबूत रहना बहुत जरूरी है।
बता दें कि अब AICC में छत्तीसगढ़ के युवा नेताओं को भरपुर महत्व दिया जा रहा है। प्रदेश युवा कांग्रेस के कई नेताओं को इसमें शामिल करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व और मजबूत हुआ है। हालांकि सीनियर नेताओं में अब भी एक मात्र नेता राजेश तिवारी को ही मौका मिला है जो राष्ट्रीय सचिव के तौर पर शामिल हैं,जबकि युवा नेता व विधायक विकास उपाध्याय को इसके पहले ही AICC में सचिव बना कर पार्टी ने छत्तीसगढ़ से इसकी शुरुआत की थी और विकास उपाध्याय पहले नेता बन गए थे। अब युवा कांग्रेस में प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पूर्ण चंद कोको पाढ़ी राष्ट्रीय महासचिव बनाये गए। वहीं मिलिंद गौतम, मोहम्मद शाहिद, लोकेश वशिष्ठ और शशि सिंह को राष्ट्रीय सचिव बना कर छत्तीसगढ़ ने दिल्ली में दबदबा कायम की है।